एक बालक
खिलौने की तलाश में
अपनी मंजिल तलाशता
खोजता, उतरता, चढ़ता
सूर्य, चंद्र और आकाश
को भी पाने की अभिलाषा रखता
हर राह को उकेरता
आशामय हो निहारता
उद्वेलित हो मग्न रहता
जीतने की आशा दोहराता
मंजिल पाने तक
प्रयासरत ही रहता
चींटी की भाँती
जीत कर ही विश्राम लेता !!!
