इधर AC का तापमान बढ घट रहा है
शरीर के आराम के हिसाब से सेट हो रहा है
उधर मूला झोंपड़ी में औंघा बीजने को घुमा रहा है
बीजने से कभी हवा का झोंका आ रहा है
तो कभी औंघे औंघे हाथ सो रहा है
बच्चा हैजे में पड़ा है
और बेटी मलेरिया से तप रही है
फिर भी नींद मुझसे अच्छी सोता है
अपनी उस अनोखी तपती दुनिया में कभी कभी ही रोता है
मेरी आवाज




