Saturday, June 5, 2010

चिड़िया की जुबानी ...

चिड़िया चिड़िया से बोली
ऐ सहेली
दुनिया बड़ी अलबेली
छोटा सा पेट लेकर में निकली
फिर भी दाने दाने हर गली निकली
ये बड़े पेट वाले के पास है पेट के साथ इतनी बड़ी हवेली
फिर भी पडा रहता है पलंग पर सारे दिन मवाली
कुछ भी नहीं करते ये और इसकी घरवाली
कैसे ये पेट भरते होंगे तू ही बता मेरी सहेली

 

1 comment:

संजय भास्कर said...

बहुत से गहरे एहसास लिए है आपकी रचना ...